उत्तर प्रदेश

संविधान की चेतना को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत: डॉ सुल्तान शाकिर हाशमी

राष्ट्रीय पुस्तक मेले में पुस्तक ‘भारतीय संविधान और डॉ. भीमराव अम्बेडकर’ का भव्य लोकार्पण

लखनऊ। बलरामपुर गार्डन में चल रहे राष्ट्रीय पुस्तक मेले के पंडाल में रविवार को प्रख्यात लेखक एवं साहित्यकार डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी की नवप्रकाशित पुस्तक ‘भारतीय संविधान और डॉ. भीमराव अम्बेडकर’ का भव्य लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय और सम्मान के अधिकार का मार्ग दिखाया। आज आवश्यकता है कि संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाई जाए और संविधान की मूल भावना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।

समारोह की अध्यक्षता शहर काजी एवं इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने की। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी की साहित्यिक एवं सामाजिक सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. अम्बेडकर का जीवन, संघर्ष और विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम करते हैं। हाशमी ने अपनी पुस्तक के माध्यम से संविधान और अम्बेडकर की विचारधारा को वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है।

वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर अपनी असाधारण शैक्षिक योग्यता, संघर्षशील व्यक्तित्व और मानवतावादी विचारधारा के कारण विश्वभर में सम्मानित हुए। स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के अधिकारों की मजबूत बुनियाद प्रदान की।

वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संविधान ने वंचित, पिछड़े और कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संविधान की इसी भावना को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी ने अपने संबोधन में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व, संविधान की मूल भावना और वर्तमान समय में देश की आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने डॉ. हाशमी की निस्वार्थ साहित्यिक एवं सामाजिक सेवाओं की सराहना करते हुए पुस्तक को महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शमीम अहमद और न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना सहित अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. अम्बेडकर के विचारों की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. चंद्रपाल ने कहा कि जिस प्रकार डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान के माध्यम से देश में सामाजिक और संवैधानिक चेतना जागृत की, उसी प्रकार डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी ने अपनी लेखनी के माध्यम से वर्तमान समय की आवश्यकताओं को समाज के सामने रखने का सराहनीय कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि डॉ. हाशमी ने हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में साहित्य सृजन कर समाज को जोड़ने और देश की गंगा-जमुनी सभ्यता को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

वक्ताओं ने बताया कि डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी समेत विभिन्न भाषाओं में पांच दर्जन से अधिक पुस्तकों के रचयिता हैं। वह देश-विदेश के सामाजिक, साहित्यिक और समसामयिक विषयों पर निरंतर लेखन करते रहे हैं। साहित्य, शायरी और कविता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को जनता तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

डॉ. हाशमी ने मानवता के लिए काम करने वाले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ-साथ भारत सरकार के योजना आयोग की विभिन्न समितियों में भी अपनी सेवाएं एवं परामर्श दिया है।

वरिष्ठ पत्रकार एवं उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त समिति के पूर्व अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी की पत्रकारिता तथा पत्रकार संगठनों से उनके लंबे जुड़ाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी के रूप में उनकी भूमिका तथा समिति के चुनाव कराए जाने की प्रक्रिया में उनके योगदान का भी उल्लेख किया।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरिश चन्द्रा ने पुस्तक के महत्व और बाबा साहेब के जीवन-दर्शन को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए डॉ. हाशमी की साहित्यिक रचनात्मकता की सराहना की।

पुस्तक का लोकार्पण मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, न्यायमूर्ति सैयद क़मर हसन रिज़वी, न्यायमूर्ति शमीम अहमद, न्यायमूर्ति सुधीर सक्सेना, डॉ. सुषमा सिंह, पैट्रन इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, रवीन्द्र कुमार, प्रमुख सचिव पंचायतीराज उत्तर प्रदेश सरकार, डॉ. चंद्रपाल, हरिश चन्द्रा, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत तिवारी, मुख्य वक्ता डॉ. शिवमंगल सिंह ‘मंगल’ तथा सलाउद्दीन ‘शिबू’ एडवोकेट,उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन के महामंत्री अब्दुल वहीद सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने किया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकारों, शायरों और कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं तथा पुस्तक की विषयवस्तु पर चर्चा करते हुए इसके प्रयास की सराहना की।

समारोह में डॉ. शिवमंगल सिंह ‘मंगल’, सलाउद्दीन ‘शिबू’ एडवोकेट, अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन पत्रकार मोहम्मद गुफरान नसीम ने किया। समारोह के संयोजक डॉ. योगेश गुप्त ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

अवध साहित्य अकादमी एवं मीडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह समारोह राष्ट्रीय पुस्तक मेले में विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। डॉ. सुल्तान शाकिर हाशमी की पुस्तक ‘भारतीय संविधान और डॉ. भीमराव अम्बेडकर’ पुस्तक मेले में पाठकों के लिए उपलब्ध है।

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