मुख्यमंत्री ने जनपद बलरामपुर में विधान सभा क्षेत्र उतरौला तथा बलरामपुर सदर की 803.20 करोड़ रु0 कुल लागत की 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
यह परियोजनाएँ शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बलरामपुर की जनता के लिए विकास का उपहार, इनसे जनपद में विकास कार्यों को नयी गति मिलेगी तथा आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने जनपद बलरामपुर में विधान सभा क्षेत्र उतरौला तथा बलरामपुर सदर की 803.20 करोड़ रु0 कुल लागत की 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
यह परियोजनाएँ शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बलरामपुर की जनता के लिए विकास का उपहार, इनसे जनपद में विकास कार्यों को नयी गति मिलेगी तथा आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और जनता-जनार्दन के सहयोग से बलरामपुर आकांक्षात्मक जनपद विकास के नये प्रतिमान स्थापित करने वाले जनपद के रूप में उभर रहा
पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नयी दिशा देखी
विगत 10 वर्षों में बलरामपुर जनपद में 10,000 करोड़ रु0 से अधिक की विकास परियोजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध करायी गई
माँ पाटेश्वरी का यह पावन धाम भारत और नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केन्द्र, यह 51 शक्तिपीठों की परम्परा से जुड़ी आस्था की पावन भूमि
माँ पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ, शीघ्र ही, विश्वविद्यालय का अपना भवन बनकर तैयार होगा
जनपद बलरामपुर अनेक महापुरुषों और महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों से जुड़ा रहा
बलरामपुर की ऐतिहासिक पहचान पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी हुई, जनपद में उनके नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा
जनपद में रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा और चीनी मिल के विस्तार का कार्य आगे बढ़ रहा
थारू संग्रहालय जनजातीय धरोहर को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा
डबल इंजन सरकार ने मथुरा घाट पर पुल निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया
बलरामपुर में बाढ़ की समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल
विगत साढ़े 09 वर्षों में साढ़े 09 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली, बलरामपुर का नौजवान प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्तियों में अवसर प्राप्त कर रहा
भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या प्रदेश की आस्था का प्रमुख केन्द्र, अयोध्या पुनः रामराज्य के त्रेता युग का स्मरण करा रही
लखनऊ : 10 अक्टूबर, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि माँ पाटेश्वरी की पावन धरती बलरामपुर आज विकास की नयी ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। कभी पिछड़ेपन, तस्करी, माफिया और अव्यवस्था के लिए पहचाने जाने वाले इस जनपद में आज शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन दिखायी दे रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन, प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता और जनता-जनार्दन के सहयोग से बलरामपुर आकांक्षात्मक जनपद की पहचान से आगे बढ़कर सम्भावनाओं और विकास के नये प्रतिमान स्थापित करने वाले जनपद के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद बलरामपुर में विधान सभा क्षेत्र उतरौला तथा बलरामपुर सदर की 803.20 करोड़ रुपये कुल लागत की 78 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इनमें 273.42 करोड़ रुपये लागत की 30 परियोजनाआें का लोकार्पण तथा 529.77 करोड़ रुपये लागत की 48 परियोजनाओं शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लैपटॉप, प्रतीकात्मक चाभी, चेक तथा स्वीकृति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा महिलाओं की गोदभराई की। कार्यक्रम के दौरान जनपद बलरामपुर की विकास यात्रा पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रस्तुत की गई।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद को लगभग 803 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए कहा कि यह परियोजनाएँ शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बलरामपुर की जनता के लिए विकास का उपहार हैं। इनसे जनपद में विकास कार्यों को नयी गति मिलेगी तथा आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
मुख्यमंत्री जी ने माँ पाटेश्वरी के पावन धाम को नमन करते हुए बलरामपुर की जनता को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विकास कार्यों के लिए निरन्तर प्रयासरत जनप्रतिनिधियों की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। जब भी उन्हें माँ पाटेश्वरी के पावन धाम में आने का अवसर मिलता है, तो ऐसा लगता है मानो वह अपने घर आए हों। इस धाम के प्रति आत्मीय लगाव केवल आज का नहीं, बल्कि सैकड़ों वर्षों की इस विरासत से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
माँ पाटेश्वरी का यह पावन धाम भारत और नेपाल की साझी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केन्द्र है। यह 51 शक्तिपीठों की परम्परा से जुड़ी आस्था की पावन भूमि है। इस क्षेत्र की आध्यात्मिक चेतना ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को देश, धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़े रखा है तथा प्रत्येक चुनौती का सामना करने की शक्ति प्रदान की है। आज जब इस पावन क्षेत्र में विकास की नई धारा प्रवाहित होती दिखायी देती है, तो यह माँ का आशीर्वाद और जनता-जनार्दन के विश्वास का परिणाम प्रतीत होता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक समय था, जब उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। सीमावर्ती क्षेत्रों का उपयोग तस्करी के लिए किया जाता था और बदमाशों, गुण्डों तथा माफिया के लिए यह क्षेत्र लूटखसोट का माध्यम बन गए थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश की परिस्थितियों में व्यापक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लगभग एक दशक पहले तक कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था कि बलरामपुर में विश्वविद्यालय स्थापित होगा। आज माँ पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ हो चुका है। शीघ्र ही, विश्वविद्यालय का अपना भवन भी बनकर तैयार होगा। विश्वविद्यालय के भव्य भवन का लोकार्पण कराने के लिए प्रधानमंत्री जी को बलरामपुर आमंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद बलरामपुर अनेक महापुरुषों और महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों से जुड़ा रहा है। बलरामपुर की ऐतिहासिक पहचान पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी से भी जुड़ी हुई है। वर्ष 1957 में अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार बलरामपुर से लोकसभा पहुँचे थे। उसी ऐतिहासिक जनपद में आज उनके नाम पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। यह वही जनपद है, जहाँ नानाजी देशमुख ने ग्रामोदय की परिकल्पना को साकार किया था। बलरामपुर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनपद में रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है और चीनी मिल के विस्तार का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। थारू संग्रहालय जनजातीय धरोहर को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बलरामपुर की सड़कों की स्थिति बेहद खराब थी। जनपद की गिनती प्रदेश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों में होती थी। युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं थे और बेटियों को अच्छी शिक्षा की सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में भी अपेक्षित कार्य नहीं हुआ था। उस समय माफिया और अपराधियों का प्रभाव था। जमीनों पर अवैध कब्जे किए जाते थे और व्यापारियों को धमकाकर उनकी सम्पत्तियों पर कब्जा करने की शिकायतें आम थीं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उस दौर में विकास की अपेक्षा अराजकता और अव्यवस्था का वातावरण अधिक दिखायी देता था। बाढ़ और बीमारियाँ लोगों के लिए गम्भीर चुनौती थीं। किसानों को आवश्यक सुविधाएँ नहीं मिल पाती थीं और नौजवान रोजगार की तलाश में पलायन करने को मजबूर होते थे। वर्तमान सरकार ने विकास, सुरक्षा और जनकल्याण को शासन की प्राथमिकता बनाया है। आज प्रदेश में विकास योजनाओं का लाभ उन क्षेत्रों तक पहुँच रहा है, जो लम्बे समय तक उपेक्षित रहे थे।
मुख्यमंत्री जी ने मथुरा घाट पर पुल निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2007 में जब वह मथुरा घाट गए थे, तब भी वहाँ पुल की माँग की जा रही थी। डबल इंजन सरकार ने मथुरा घाट पर पुल निर्माण का कार्य आगे बढ़ाया है। वर्तमान सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पुल, सड़क और अन्य सम्पर्क सुविधाएँ केवल आवागमन को सुगम नहीं बनातीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विगत साढ़े 09 वर्षों में साढ़े 09 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। अब बलरामपुर का नौजवान भी प्रदेश की विभिन्न सरकारी भर्तियों में अवसर प्राप्त कर रहा है। सरकार की योजनाएँ किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। प्रदेश में जब कोई नई योजना लागू होती है, तो उसका लाभ बलरामपुर जैसे सीमावर्ती और आकांक्षात्मक जनपदों तक भी पहुँचता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना, उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। नए निवेश, रोजगारपरक योजनाओं और स्टार्ट-अप के माध्यम से युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। यदि किसी आपदा में जनहानि होती है, तो सम्बन्धित परिवार को 24 घण्टे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मानव-वन्यजीव संघर्ष में जनहानि या पशुहानि होने की स्थिति में भी अगले 24 घण्टे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या प्रदेश की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। आज अयोध्या पुनः रामराज्य के त्रेता युग का स्मरण करा रही है। वर्तमान सरकार के प्रयासों से अयोध्या का स्वरूप बदला है और वह विकास तथा सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया उदाहरण बन रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नयी दिशा देखी है। बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने का प्रयास किया गया है। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं को मजबूती मिली है और किसानों के लिए नयी सम्भावनाएँ बनी हैं। बलरामपुर में बड़ी विकास परियोजनाओं का पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि केन्द्र और प्रदेश सरकार मिलकर जनपद के विकास को गति दे रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 10 वर्षों में बलरामपुर जनपद में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध करायी गई है। इससे जनपद में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और विकास की नयी सम्भावनाएँ पैदा हुई हैं। सरकार का लक्ष्य बलरामपुर को विकास के ऐसे मॉडल के रूप में आगे बढ़ाना है, जहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, सड़क और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार ने देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मन्दिर, काशी में श्री काशी विश्वनाथ धाम और माँ विन्ध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर के विकास से धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिला है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देश की आन, बान और शान के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। देश में नक्सलवाद और आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई के परिणाम सामने आए हैं। यदि कोई देश की सुरक्षा को चुनौती देने या अराजकता फैलाने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। चुनाव आयोग, प्रशासन और न्यायपालिका जैसी संस्थाओं के प्रति जिम्मेदार आचरण लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितता और कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यन्त खराब थी। वर्तमान सरकार पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आज देश में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ रहा है और युवा अपनी प्रतिभा के अनुरूप स्टार्ट-अप तथा उद्यम स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए नयी योजनाएँ लागू की जा रही हैं। प्रदेश सरकार भी निवेश को प्रोत्साहित कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति देने के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, व्यापारियों, युवाओं और बेटियों की सुरक्षा तथा समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान सरकार ने अपराध और अराजकता के विरुद्ध कठोर रुख अपनाया है। आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण बनाना है, जिसमें महिलाएँ, बेटियाँ, व्यापारी और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें तथा निर्भय होकर अपने कार्य कर सकें।
मुख्यमंत्री जी ने जनपद के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए निरन्तर प्रयास करना आवश्यक है। विधायक श्री राम प्रताप वर्मा अपने में क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, बाढ़ की समस्या के समाधान, रोजगार और अन्य विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विधायक श्री पलटूराम विश्वविद्यालय की प्रगति, मेडिकल कॉलेज की स्थापना, नयी विकास परियोजनाओं और जनपद को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए निरन्तर प्रयास करते रहे हैं। विधायक श्री कैलाशनाथ शुक्ल की मथुरा घाट पर पुल निर्माण, विकास की नयी योजनाओं और तुलसीपुर क्षेत्र के विकास को गति देने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बलरामपुर में बाढ़ की समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक परियोजनाओं और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधिगण क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नयी योजनाओं के प्रस्ताव सरकार तक पहुँचाएं। सरकार इन प्रस्तावों पर आवश्यकतानुसार कार्यवाही करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य श्री अवधेश कुमार सिंह, विधायक श्री राम प्रताप वर्मा, श्री पलटूराम, श्री कैलाशनाथ शुक्ल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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