उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्तराखण्ड के देवप्रयाग से आए मेधावी विद्यार्थियों से संवाद किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने भारत दर्शन कार्यक्रम के अन्तर्गत देवप्रयाग, उत्तराखण्ड से शैक्षिक भ्रमण पर उत्तर प्रदेश आए मेधावी विद्यार्थियों से आज यहां अपने सरकारी आवास पर संवाद किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए परिचय प्राप्त किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री जी ने बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आत्मविश्वास सदैव कठिन चुनौतियों से जूझने का आत्मबल प्रदान करता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि चुनौती को समस्या मानकर टालें नहीं, बल्कि उसे समाधान की ओर ले जाने का प्रयास करें। युवाओं के जीवन में चुनौतियां आती हैं, इससे बिल्कुल विचलित न हों। यदि सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो कोई चुनौती कठिनाई नहीं बन सकती, बल्कि यह जीवन की गति को प्रगति में बदल देती है।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखण्ड से आए बच्चों को गोमती बुक फेस्टिवल में ले जाएं और उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इस पुस्तक को अनिवार्य रूप से पढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि व्यावहारिक ज्ञान ही सच्चा ज्ञान है। उन्होंने विज्ञान की थ्योरी का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि लैब में इसका प्रैक्टिकल करेंगे और गणित के फॉर्मूला की जितनी विवेचना करेंगे, चीजें उतनी ही अधिक समझ में आएंगी।
शैक्षणिक टूर पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ऐसे टूर देश-प्रदेश, समाज, विरासत व दुनिया की वस्तुस्थिति जानने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह अनुभव अत्यन्त उपयोगी होते हैं। उन्होंने पाठ्यक्रम के साथ ही अन्य ज्ञानवर्धक व मनोरंजक साहित्य के अध्ययन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों की जीवनी, धार्मिक ग्रंथों को पढ़ें। यह जीवन को प्रेरणा देंगे।
मुख्यमंत्री जी ने तकनीक पर बल देते हुए इसे आज की आवश्यकता बताया। उन्होंने इसके सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वयं को प्रतिस्पर्धा योग्य बनाने के लिए तकनीक को अपनाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग व दुरुपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इसका प्रयोग करें, लेकिन इस पर निर्भर न रहें। हमेशा ध्यान रखें कि तकनीक हमसे संचालित हो, हम तकनीक से नहीं।
मुख्यमंत्री जी ने युवाओं द्वारा स्मार्ट फोन पर अत्यधिक समय खर्च करने पर चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समय का दुरुपयोग है। स्मार्टफोन का उपयोग महत्वपूर्ण सन्देशों, समाचार, डिजिटल लाइब्रेरी, ए0आई0, चैट जी0पी0टी0, इण्टरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, ड्रोन-स्पेस टेक्नोलॉजी आदि की जानकारी के लिए कर सकते हैं और इसे कैरियर निर्माण से भी जोड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने समय की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक मिनट कीमती है, इसलिए जीवन में समय प्रबन्धन अवश्य करें। पाठ्यक्रम, परिवार व स्वयं को समय दें। धार्मिक व रूचि के अनुरूप अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करें और बुक बैंक बनाएं। विपरीत परिस्थितियों में पुस्तकें सम्बल देती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने बच्चों को लखनऊ, अयोध्या व काशी का भ्रमण कराने के निर्देश देते हुए 10 वर्ष में यहां आए बदलावों से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में अब भव्य राम मन्दिर बन चुका है। एयरपोर्ट, 4-लेन सड़कें, रेल कनेक्टिविटी आदि सुविधाएं अच्छी हो चुकी हैं। हरिद्वार के ‘हर की पैड़ी’ की भांति अयोध्या में ‘राम की पैड़ी’ को विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र काशी में भव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कराया जा चुका है। 10 वर्ष पूर्व मात्र 10 लोग जा सकते थे, कॉरिडोर बनने के बाद अब एक साथ 50 हजार लोग दर्शन करने जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने बच्चों से गांव, शहर, तीर्थ, स्कूल-कॉलेज आदि को स्वच्छ बनाने पर बल देते हुए इसे समाज की जिम्मेदारी बताया।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा-5 की छात्रा सुश्री मिष्टी रावत ने किया।
देवप्रयाग के विधायक श्री विनोद कण्डारी ने इस टूर का श्रेय मुख्यमंत्री जी को देते हुए कहा कि उन्हीं की प्रेरणा से तीसरी बार उत्तर प्रदेश में बच्चों को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण हेतु लेकर आया हूं। इस अवसर पर शिक्षक, विद्यार्थी व प्रतिनिधिमण्डल के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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